Andaj-e-awadh...

अंदाज-ए-अवध की शाम में चलते,
कुछ पल कुछ दिन सहर के ढलते,
कुछ घुमते सड़को की राहों पर,
ये शीतल सी सिहरन हवाओं की,

कुछ याद दिलाती हैं हमको,
कच्ची सड़कें उन गाँवो की.....
                            -सावन संगम।।

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